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हर त्यागी गई पोशाक भक्ति की एक कहानी कहती है सम्पूर्णा संस्था के ‘पुनः अर्पित’ अभियान ने सेवा, सम्मान और उद्देश्य का रचा नया अध्याय

हर त्यागी गई पोशाक भक्ति की एक कहानी कहती है

सम्पूर्णा संस्था के ‘पुनः अर्पित’ अभियान ने सेवा, सम्मान और उद्देश्य का रचा नया अध्याय

 

आज नई दिल्ली के तिलक मार्ग स्थित AB-9 परिसर में डॉ. शोभा विजेन्द्र जी के नेतृत्व में सामाजिक संस्था सम्पूर्णा द्वारा एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस और भगवान की पोशाकों से बने हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह आयोजन संस्था की नई और पवित्र पहल “पुनः अर्पित” के अंतर्गत हुआ, जिसका उद्देश्य भगवान को अर्पित की गई पवित्र पोशाकों का पुनर्चक्रण कर उन्हें उपयोगी, स्वदेशी और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों में परिवर्तित करना है। इस परियोजना के माध्यम से सम्पूर्णा की लाभार्थी महिलाएँ राम-सीता-लक्ष्मण सौभाग्य थैले, पूजा आसन, पोटलियाँ, पुस्तक आवरण, थाल-पोश, बच्चियों के वस्त्र आदि तैयार कर रही हैं। प्रदर्शनी में इन हस्तनिर्मित वस्तुओं की भव्यता, रंग-संयोजन और कलात्मकता ने आगंतुकों को अत्यंत प्रभावित किया। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनी, बल्कि महिला स्वावलंबन और सांस्कृतिक समर्पण का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सम्पूर्णा संस्थापिका डॉ. शोभा विजेन्द्र ने बताया कि भारत की परंपरा में भगवान को अर्पित किए गए वस्त्रों का अत्यंत श्रद्धा से विसर्जन किया जाता है, परंतु आज के समय में यह परंपरा जल स्रोतों और पर्यावरण के लिए संकट बनती जा रही है। इन्हीं चिंताओं से प्रेरित होकर सम्पूर्णा ने “पुनः अर्पित” परियोजना की शुरुआत की है, जिससे त्यागे गए पवित्र वस्त्रों का सम्मानपूर्वक उपयोग हो सके और उन्हें नए रूप में समाज को वापस लौटाया जा सके।

इस अवसर पर सम्पूर्णा की कार्यकारी सदस्य श्रीमती निधि गोयल ने कहा कि यह पहल केवल पुनर्चक्रण नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सतत विकास का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने बताया कि महिलाएँ इस परियोजना के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक सांस्कृतिक संदेश भी दे रही हैं। मैप एकेडमी की संस्थापिका श्रीमती शालिनी बेरीवाल ने कहा कि यह अभियान हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को आधुनिक स्वरूप में पुनः जीवित कर रहा है और सम्पूर्णा की टीम इस दिशा में प्रशंसनीय कार्य कर रही है।

पंडित अरुण उपाध्याय जी ने “पुनः अर्पित” अभियान को एक अद्भुत और श्रद्धा से परिपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं विभिन्न मंदिर समितियों से सम्पर्क कर इस अभियान को जोड़ने की कोशिश करेंगे ताकि यह संदेश देशभर में फैल सके। बालाजी मंदिर प्रकोष्ठ, प्रशांत विहार की अध्यक्षा श्रीमती संध्या दीक्षित ने सम्पूर्णा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर समितियों को इस नेक पहल में भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। पूर्व निगम पार्षदा श्रीमती चित्रा अग्रवाल ने खाटू श्याम दिल्ली धाम में स्थापित सम्पूर्णा काउंटर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहाँ श्रद्धालुओं द्वारा सम्पूर्णा के उत्पादों को अपार सराहना मिल रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें फिक्की फ्लो अध्यक्षा श्रीमती पूनम शर्मा, हज समिति अध्यक्षा श्रीमती कौसर जहां, विधायक श्री करनैल सिंह (शकूर बस्ती), विधायक श्रीमती पूनम शर्मा (वज़ीरपुर), श्रीमती राधा भाटिया प्रबंध निर्देशक रोसिएट होटल, रोटरी क्लब प्रतिनिधि श्रीमती गीतांजलि भसीन, श्रीमती रीमा, श्रीमती संगीता सिन्हा, श्रीमती रश्मि गोयला आदि शामिल रहीं। इन सभी गणमान्य अतिथियों ने सम्पूर्णा के इस नवाचार की सराहना की और इसे “आस्था, रोजगार और प्रकृति को जोड़ने वाला सामाजिक आंदोलन” बताया।

कार्यक्रम का समापन श्रीमती निधि गोयल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों, प्रतिभागियों और दर्शकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि “पुनः अर्पित” तभी एक सफल जन आंदोलन बन सकता है जब सरकार, समाज, मंदिर संस्थाएं और आम नागरिक इसे एक साझा जिम्मेदारी के रूप में अपनाएँ।